विकेट किपर
हमे 1900 शतक मैं पता भी नही था की विकेट कीपर कितने काम कर सकता है। हमे इतना ही पता था की एक विकेट कीपर विकेटकीपरिंग या बैटिंग ही कर सकता है। लेकिन मैं आपको आज बताऊंगा की एक विकेटकीपर बहुत कुछ कर सकता है ।
विकेट किपर को सबसे पहले विकेट किपरिंग अपनी सुधारनी होती है। उसको अपने फिटनेस पर ध्यान देना चाहिए।
बल्लेबाजी
दूसरे नंबर पर आता है उसका बैटिंग परफॉर्मेस। उसका विकेट कीपिंग के साथ साथ उसको अच्छी खासी बैटिंग भी आनी चाहिए। और वह यह सब करते समय उसकी फिटनेस पर भी ध्यान देना जरूरी है । उसकी फिटनेस नही होगी तब वह सब कुछ नही कर सकता।
⚡️⚡️#INDvENG @Paytm pic.twitter.com/liwl5KNeMc
— BCCI (@BCCI) February 16, 2021
वाइस कप्तान
विकेट कीपर को हमेशा कहा जाता है की एक विकेट कीपर हमेशा टीम का वाइस कप्तान होता है। यह बात द ग्रेट विकेट कीपर एमएस धोनी सर ने कहा था। उनका मानना था की विकेट कीपर हमेशा वह मैदान के सेंटर पर खड़ा होता है । इसलिए उसको पता होता है की फिल्डर कहा पर है और उनको कहापर सेट करना है। और वह बॉलर को हमेशा एडवाइस करता है।
रन आउट
हम सब कहते है की नंबर 1 विकेट कीपर अब तक का एमएस धोनी है। पर वह जिस तरह से बेल्स को उड़ाता था वह दुनिया में उससे बेहतर कोई नहीं करता था। वह स्टंप के पास ही बॉल को पकड़कर जल्दी से स्टंप को थ्रो कर देता था । बिना स्टंप को देखे वो बॉल को स्टंप पर मारता था।
दबाव
विकेट कीपर हमेशा बैट्समैन के पिछे रहता है लेकिन बल्लेबाज पर हमेशा उसका दबाव रहता है। बल्लेबाज हमेशा पिच का इस्तेमाल करके शॉट मारने की कोशिश करता है। लेकिन जब विकेट कीपर पीछे हो तब वह खुद को अंडर दबाव में पड़ जाता है। वह स्क्रीज छोड़कर नही जा सकता ।
बल्लेबाज की ताकत और कमजोरी का पता
विकेट कीपर को हमेशा बैट्समैन की कमजोरी क्या है यह पता चलती है। क्योंकि गेंदबाज जब बॉल डालता है तब विकेट कीपर नोटिस करता है की कौनसी गेंद पर बल्लेबाज डिफेंस करता है । और वह उसकी कमजोरी होती है । और उसपर हम बल्लेबाज के विकेट चटका सकते है।
DRS राइट निर्णय
सबसे पहले विकेट कीपर को रिव्यू लेने या रिव्यू बचाने के टाइम विकेट कीपर बहुत इंपोर्टेंट होता है। विकेट कीपर हमेशा डीआरएस लेने में बहुत हेल्प करता है।










